केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अराजकता फैलाने और सरकार को अस्थिर करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया। नड्डा ने राहुल गांधी पर गलत सूचनाएं फैलाने और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए विपक्ष की आलोचना की। इसके जवाब में भाजपा ने मतदाता सूची संशोधन के आरोपों का मुकाबला करने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को उजागर करने के लिए यह लामबंदी जरूरी है। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने दावा किया कि प्रशासन ने समर्थकों को दिल्ली लाने वाली बसों को रोका। गठबंधन के अन्य नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतपत्रों (पेपर बैलेट) के उपयोग की मांग की है।
इस बीच, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए लगभग 10,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की गई है और प्रमुख स्थानों पर भीड़ की निगरानी के लिए ड्रोन तथा एआई-सक्षम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।



