15 वर्षीय तन्वी पात्री युवा ओलंपिक खेलों के बैडमिंटन फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। ब्यूनस आयर्स में बुधवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने जापान की युज़ुनो वातानाबे को 21-14, 11-21, 21-19 के कड़े संघर्ष में हराकर खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की।
यह उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे पहले केवल एचएस प्रणय, लक्ष्य सेन और आदित्य जोशी ही सेमीफाइनल तक पहुंच पाए थे, जिनमें से प्रणय और सेन ने रजत पदक जीते थे। चेंगदू में बैडमिंटन एशिया अंडर-17 और अंडर-15 चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकीं तन्वी अब फाइनल में जीत दर्ज कर इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगी।

