भारतीय संसद भारत की केंद्रीय विधायी संस्था है, जिसका गठन संविधान के अनुच्छेद 79 के तहत राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर किया गया है। संसद का मुख्य कार्य कानून बनाना, सरकारी गतिविधियों की निगरानी करना और वित्तीय मामलों का प्रबंधन करना है। लोकसभा, जिसे निचला सदन कहा जाता है, के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं। अनुच्छेद 81 के तहत गठित इस सदन का कार्यकाल सामान्यतः 5 वर्ष होता है और इसके लिए न्यूनतम आयु सीमा 25 वर्ष निर्धारित है। वर्तमान में इसमें 543 निर्वाचित सीटें हैं, जिनमें से 39 सीटें तमिलनाडु से हैं।
राज्यसभा, जिसे उच्च सदन के रूप में जाना जाता है, अनुच्छेद 80 के तहत एक स्थायी सदन है जिसे भंग नहीं किया जा सकता। इसमें अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं, जिनमें से 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं। सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है और हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। इसकी अध्यक्षता उपराष्ट्रपति करते हैं। धन विधेयक केवल लोकसभा में ही पेश किए जा सकते हैं, जिस पर राज्यसभा को 14 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें देनी होती हैं। अनुच्छेद 108 के तहत, साधारण विधेयकों पर गतिरोध को सुलझाने के लिए राष्ट्रपति द्वारा संसद का संयुक्त सत्र बुलाया जा सकता है, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं।
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, अनुच्छेद 110 धन विधेयक की परिभाषा और अनुच्छेद 109 इसकी विशेष प्रक्रिया को स्पष्ट करता है। तमिलनाडु में 39 लोकसभा और 18 राज्यसभा सीटें हैं, जबकि राज्य में केवल विधानसभा मौजूद है। भारतीय संविधान 1950 में लागू हुआ और 1952 में पहली लोकसभा का गठन हुआ। महत्वपूर्ण अनुच्छेदों में 83 (सदनों का कार्यकाल), 84 (सदस्यता योग्यता), 111 (राष्ट्रपति की सहमति) और 368 (संविधान संशोधन) शामिल हैं।



