पराग्वे में डिजिटल लेंडर 'Ueno Bank' के डूबने से गहरा वित्तीय और राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। बैंक के विफल होने से करीब 30 लाख ग्राहकों की बचत राशि फंस गई है, साथ ही सरकारी पेंशन और स्वास्थ्य निवेश से जुड़ी करोड़ों डॉलर की सार्वजनिक निधि भी खतरे में पड़ गई है। जोखिम भरे आंतरिक ऋण और पूंजी में भारी गिरावट की खबरों के बाद 3 नवंबर को केंद्रीय बैंक ने हस्तक्षेप किया था।
इस मामले में 7 नवंबर को सीनेट ने राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पर महाभियोग चलाकर उन्हें पद से हटा दिया और नजरबंद कर दिया है। सांसदों ने आरोप लगाया कि पेना ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर बैंक के तेजी से विस्तार में मदद की। हालांकि पेना ने 5 नवंबर को इस्तीफा देने की कोशिश की थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे खारिज कर दिया ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
राष्ट्रपति पद से हटाए जाने के बाद उपराष्ट्रपति पेड्रो एलियाना ने कार्यभार संभाल लिया है, जो अगस्त 2028 तक अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। वहीं, अभियोजकों ने बैंक के 27 अधिकारियों और सहयोगियों पर धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप तय किए हैं, जिनमें से कई को जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है।



