विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने पेरियार पुस्तकालय पुस्तक खरीद घोटाले की जांच का सामना करने के लिए अपनी तत्परता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीएमके शासन के दौरान कोई अनियमितता नहीं हुई है और उन्हें इस बात का सौ प्रतिशत भरोसा है।
स्टालिन ने आगे कहा कि पुस्तकों के लेखकों के नाम देखकर ही यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि घोटाला किस शासनकाल में हुआ था।
