डीएमके की कानूनी शाखा के संयुक्त सचिव परांधमन ने पार्टी पर लगे आरोपों को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि डीएमके ने कोई गलती की है, तो उसे सबूतों के साथ सामने लाया जाए। उन्होंने पुस्तक खरीद मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने अब तक इस मामले में खरीद प्रक्रियाओं और असली दोषियों के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
'पुधिया थलैमुराई' मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में परांधमन ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इस पूरे मामले पर सरकार मौन साधे हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना ठोस सबूतों के लगाए गए आरोप निराधार हैं।
