तमिलनाडु के पुस्तकालयों में एआई (AI) द्वारा तैयार की गई निम्न गुणवत्ता वाली पुस्तकों के वितरण को लेकर राज्य में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इन पुस्तकों पर मुद्रण की तारीख के स्थान पर पुस्तकालय में रखे जाने की तारीख अंकित है, और लेखकों के रूप में पवित्रा करुणानिधि और स्टालिन जैसे नाम दर्ज हैं।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री राजमोहन ने इसे डीएमके शासनकाल में हुआ 'डिजिटल दीमक' करार दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य भर के पुस्तकालयों में एआई से बनी घटिया सामग्री पहुंचाई गई है। उन्होंने मांग की कि डीएमके सरकार को इस मामले पर जनता से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। सरकार अब उन पुस्तकालयों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है जहां ऐसी पुस्तकें भेजी गई हैं।
