दिवाली की सुबह दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 384 दर्ज की गई, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में है। शहर के 11 निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया है। पंजाबी बाग में AQI सबसे अधिक 450 दर्ज किया गया, जबकि आरके पुरम और आईआईटी दिल्ली जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही। दिवाली की पूर्व संध्या पर औसत AQI 369 था, जो पिछले एक दशक में त्योहार से पहले का सबसे खराब स्तर है।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू किया गया है, जिसके तहत गैर-जरूरी निर्माण कार्यों और कुछ श्रेणियों के वाहनों पर प्रतिबंध है। दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी 21.4 प्रतिशत रही, जबकि छह राज्यों में पराली जलाने की 589 घटनाएं दर्ज की गईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि धीमी हवाओं और पराली के धुएं के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बीमार लोगों को घर के अंदर रहने और बाहर निकलने पर N95 मास्क का उपयोग करने की सलाह दी है। ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, दिवाली के अगले दिन प्रदूषण का स्तर और अधिक बढ़ने की आशंका है।


