उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का अयोध्या स्थित राम मंदिर में स्वागत है, लेकिन उन्हें वहां जाने से पहले राम भक्तों से माफी मांगनी चाहिए। अखिलेश यादव के 12 दिसंबर को पहली बार राम मंदिर जाने की योजना के बीच मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी की है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पिछले शासनकाल की आलोचना करते हुए 1990 में मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर हुई पुलिस फायरिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पहले संतों और भक्तों का अपमान किया है, उन्हें पवित्र स्थल पर जाने से पहले अपने कृत्यों के लिए प्रायश्चित करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भगवान भले ही क्षमाशील हों, लेकिन सत्ता के अहंकार का जवाब दिया जाना आवश्यक है।
अखिलेश यादव ने अब तक मंदिर का दौरा नहीं किया है, जिसके लिए उन्होंने पहले अपने निर्वाचन क्षेत्र इटावा में मंदिर निर्माण का हवाला दिया था। जहां समाजवादी पार्टी का कहना है कि अयोध्या विवाद का समाधान 2019 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हो चुका है, वहीं भाजपा नेताओं ने सपा पर आगामी चुनावों के मद्देनजर मंदिर यात्रा को राजनीतिक अवसरवाद के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।


