बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने तहलका के संस्थापक तरुण तेजपाल को 2013 में अपनी पूर्व महिला सहकर्मी के साथ बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया है। अदालत ने 2021 में निचली अदालत द्वारा दिए गए बरी करने के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को भारतीय दंड संहिता के तहत बलात्कार और यौन उत्पीड़न का दोषी माना है। यह घटना गोवा के एक रिसॉर्ट में पत्रिका के वार्षिक कार्यक्रम 'थिंकफेस्ट' के दौरान लिफ्ट में हुई थी।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि तेजपाल ने एक पिता तुल्य व्यक्ति की भूमिका में रहते हुए गंभीर अपराध किया है, जिसके लिए समाज में कड़ा संदेश जाना चाहिए। वहीं, 62 वर्षीय तेजपाल के वकीलों ने आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए पीड़िता के व्यवहार पर सवाल उठाए थे। अदालत ने तेजपाल की सजा पर फैसला दोपहर 2:30 बजे के लिए सुरक्षित रखा है। नवंबर 2013 में गिरफ्तारी के बाद से चले आ रहे इस चर्चित कानूनी मामले में फैसला आने के बाद तेजपाल फिलहाल हिरासत में हैं।
0लाइक्स
0डिसलाइक्स



