वर्ष 2025 के मुख्य प्रवेश सत्र के दौरान भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी वीजा स्वीकृति में 62 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मई से अगस्त के बीच वीजा जारी करने की संख्या 58,694 से घटकर 22,149 रह गई है। यह कमी चीनी छात्रों के लिए दर्ज की गई 34 प्रतिशत की गिरावट से कहीं अधिक है, जिनकी संख्या 61,075 से घटकर 40,034 हो गई। वर्तमान आंकड़े 2017 से 2024 के बीच के औसत से लगभग 60 प्रतिशत कम हैं।
इस गिरावट के बावजूद, 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में 3,63,019 नामांकन के साथ भारत अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। इसके अलावा, भारतीय छात्र वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (OPT) कार्यक्रम में भी सबसे आगे हैं, जो कुल 2,94,253 प्रतिभागियों में से लगभग आधे हैं। साथ ही, 2024 में STEM OPT विस्तार के तहत कुल 1,65,524 स्वीकृतियों में से 79,331 भारतीय छात्रों के पास हैं।
वीजा संख्या में यह कमी ट्रम्प प्रशासन द्वारा लागू की गई सख्त आव्रजन नीतियों का परिणाम है। 15 सितंबर से प्रभावी नई नीति के तहत 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' को निश्चित प्रवेश अवधि से बदल दिया गया है, जिससे अधिकांश F-1 वीजा धारकों का प्रवास चार साल तक सीमित हो गया है और स्नातक के बाद की छूट अवधि 60 से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। OPT कार्यक्रम पर संभावित प्रतिबंधों को लेकर चल रही चर्चाएं भारतीय स्नातकों के लिए भविष्य में और चुनौतियां पैदा कर सकती हैं।
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