भारत ने 7 अगस्त 2026 को अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट स्थित 27 भौगोलिक स्थानों के आधिकारिक नाम निर्धारित किए हैं। भारतीय सर्वेक्षण विभाग के रिकॉर्ड में शामिल किए गए इन स्थानों में 21 भू-भाग, चार पर्वतीय दर्रे, एक झील और एक स्मारक शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य प्रशासनिक दस्तावेजों को सुदृढ़ करना और क्षेत्र पर भारत के दावों को स्पष्ट करना है।
यह निर्णय चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने के बार-बार किए जा रहे प्रयासों के जवाब में लिया गया है, जिसे बीजिंग दक्षिण तिब्बत के रूप में संदर्भित करता है। भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन नामों का औपचारिककरण चीन द्वारा भारतीय क्षेत्रों को दिए गए काल्पनिक नामों को खारिज करता है, जिसमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लोंगजू क्षेत्र भी शामिल है।
भारत ने दोहराया है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न अंग है और चीन के नाम बदलने के प्रयास क्षेत्र की कानूनी स्थिति को नहीं बदल सकते। यह मैपिंग अभ्यास बुनियादी ढांचे की योजना और जनगणना जैसे प्रशासनिक कार्यों में सहायक होगा, साथ ही सीमा पर जारी तनाव के बीच भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा।
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