तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शनिवार को राज्य के सांसदों की एक बैठक बुलाई, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या को 543 पर ही स्थिर रखने की मांग की गई। बैठक में केंद्र सरकार से परिसीमन की योजनाओं को छोड़ने का आग्रह करने का निर्णय लिया गया। प्रतिभागियों का तर्क है कि परिसीमन से राज्य का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और प्रभाव कम हो जाएगा।
इस बैठक का व्यापक विरोध हुआ और डीएमके तथा एआईएडीएमके सहित राज्य के 57 में से 37 सांसदों ने इसका बहिष्कार किया। डीएमके नेता कनिमोझी करुणानिधि ने इस बैठक को कावेरी जल विवाद और मेकेदातु बांध परियोजना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला राजनीतिक कदम करार दिया।
बहिष्कार के बावजूद, बैठक में उपस्थित लोगों ने जोर देकर कहा कि जनसंख्या नियंत्रण में सफल रहे राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए वर्तमान संसदीय संख्या को बनाए रखना आवश्यक है। राज्य सरकार इस रुख को मजबूती देने के लिए अगले सप्ताह विधानसभा में एक औपचारिक प्रस्ताव पेश करने की तैयारी कर रही है।
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