कांगो में इबोला वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे अब तक 4,381 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 2,011 लोगों की जान जा चुकी है। फरवरी में शुरू हुआ यह प्रकोप अब तक के सबसे गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। देश में जारी आंतरिक संघर्ष, खराब सड़क संपर्क और स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण ग्रामीण इलाकों तक बचाव कार्य पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार मृत्यु दर 45.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो 2014-2016 के दौरान दर्ज 39.6 प्रतिशत से अधिक है। वर्तमान में फैल रहे बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए कोई स्वीकृत टीका या उपचार उपलब्ध न होना स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है।
फिलहाल 704 मरीज अस्पतालों में आइसोलेशन में भर्ती हैं और इतुरी प्रांत में चिकित्सा जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लक्षणों की जानकारी मिलने में देरी और समय पर चिकित्सा सहायता न मिल पाने के कारण मृतकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।




