नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक ऑडिट रिपोर्ट में आठ रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाए जाने का खुलासा हुआ है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, कोयंबटूर और हैदराबाद सहित कई स्टेशनों पर लगे वाटर कूलर सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। वर्ष 2022-24 के दौरान किए गए परीक्षणों में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी और अपर्याप्त बैक्टीरियोलॉजिकल जांच जैसी गंभीर खामियां सामने आई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे में पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है। 179 स्टेशनों पर स्वास्थ्य निरीक्षकों ने अनिवार्य रासायनिक परीक्षण नहीं किए, जबकि 77 स्टेशनों पर निर्धारित द्विवार्षिक जांच में भी कोताही बरती गई। इन लापरवाहियों से यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रेल मंत्रालय ने सितंबर 2025 में बताया कि खामियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, CAG ने बार-बार सामने आ रही इन समस्याओं को देखते हुए पेयजल सुरक्षा के लिए एक अधिक मजबूत प्रणाली लागू करने और सभी मानकों के तहत व्यापक परीक्षण सुनिश्चित करने की सिफारिश की है।



