केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि चीनी सेना ने अरुणाचल प्रदेश में 60 किलोमीटर अंदर तक घुसपैठ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा पर जो भी मुद्दे हैं, वे वास्तविक नियंत्रण रेखा के स्पष्ट सीमांकन के अभाव के कारण हैं, न कि चीन द्वारा किसी क्षेत्र पर कब्जा करने के कारण।
रिजिजू ने कहा कि सीमावर्ती गांवों के निवासियों के बीच दावों को लेकर स्थानीय चिंताएं हो सकती हैं, लेकिन गलत सूचनाएं फैलाना और पुरानी या असंबद्ध तस्वीरों का उपयोग करना सुरक्षा बलों के मनोबल को प्रभावित करता है और देश में भ्रम पैदा करता है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की गश्त बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय ने भी दोहराया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और द्विपक्षीय संबंधों के लिए सीमा पर शांति बनाए रखना अनिवार्य है।


