UGC-NET परीक्षाओं में प्रश्नपत्र तैयार करने और उनके अनुवाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लापरवाह इस्तेमाल से बड़ी त्रुटियां होने का आरोप विशेषज्ञों ने लगाया है। इन खामियों के चलते नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया है। हालांकि, NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने में जनरेटिव AI का उपयोग नहीं किया गया और पूरी प्रक्रिया में मानवीय समीक्षा शामिल थी।
परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्रों में विद्वानों के नाम गलत होने, शब्दावली में त्रुटियों और पिछले वर्षों के दर्जनों प्रश्नों के दोहराव जैसी गंभीर शिकायतें की थीं। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, आंतरिक चिंताओं के बावजूद NTA ने इन त्रुटिपूर्ण परीक्षाओं को रद्द करने में छह सप्ताह की देरी की। इस विवाद ने राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं में NTA की स्वचालित प्रणालियों पर निर्भरता और अकादमिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में मानवीय जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


