अभिषेक अग्निहोत्री और हर्ष दुबे के नेतृत्व में 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के तहत जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था को समाप्त कर इसे आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से वर्तमान नीतियों को वापस लेने का आग्रह किया।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और वैकल्पिक स्थान का सुझाव दिया था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने वहां मंच बना लिया। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और बैरिकेड्स लगाए गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। आयोजकों ने शांतिपूर्ण सुधार और आरक्षण के लाभों से 'क्रीमी लेयर' को बाहर करने पर जोर दिया है।


