भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने रॉकेट और उपग्रहों के निर्माण कार्यों को पूरी तरह से निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्र सरकार की संस्था इन-स्पेस (IN-SPACe) के अध्यक्ष पवन गोयनका ने इस निर्णय की आधिकारिक घोषणा की है।
गोयनका ने बताया कि अब तक 120 प्रकार की प्रौद्योगिकियां निजी कंपनियों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। भविष्य में इसरो निर्माण कार्यों से हटकर अपना पूरा ध्यान केवल अंतरिक्ष मिशनों और नई वैज्ञानिक शोध गतिविधियों पर केंद्रित करेगा।


