तमिलगा वेट्री कड़गम सरकार ने कांचीपुरम जिले में प्रस्तावित परंदूर हवाई अड्डा परियोजना को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। इस फैसले से 13 प्रभावित गांवों के निवासी गहरे संकट में हैं। उद्योग मंत्री एस. कीर्तना ने हाल ही में स्पष्ट किया कि पहले से अधिग्रहित की गई 1,802 एकड़ भूमि का उपयोग अब पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक विकास के लिए किया जा सकता है। वहीं, विपक्षी दलों और स्थानीय किसानों ने सरकार से अधिग्रहित जमीन को मूल मालिकों को वापस लौटाने की मांग की है।
परियोजना रद्द होने के बाद से स्थानीय लोग आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। उन्हें चिंता है कि क्या सरकार मुआवजे की राशि वापस मांगेगी। इसके अलावा, परियोजना की योजना के दौरान बढ़ी हुई जमीन की कीमतें अब अचानक गिर गई हैं। 74 वर्षीय किसान के. सिगामनी जैसे कई लोगों ने अपनी जमीन खोने और मुआवजे की राशि खर्च हो जाने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे युवा पीढ़ी पारंपरिक खेती छोड़कर शहरी रोजगार की ओर पलायन करने को मजबूर है।



