कांग्रेस कोषाध्यक्ष रूबी मनोहरन ने डीएमके और उनके प्रवक्ताओं से अपनी पिछली नीतिगत रिपोर्टों की समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन रिपोर्टों में नेहरू और अंबेडकर के नामों का उल्लेख तक नहीं है, जो एक कड़वा सच है।
मनोहरन ने सवाल उठाया कि जब विधानसभा में मंत्री विभाग की नीतिगत रिपोर्ट पढ़ रहे थे, तो क्या डीएमके के सदस्य सदन में सो रहे थे। उन्होंने इस मुद्दे पर पार्टी की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की है।


