नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 750 हो गई है। आपदा के पांच दिन बाद भी लापता हुए 3,000 लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। हालांकि, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के कारण राहत सामग्री पहुंचाने और बचाव कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नेपाल की सेना और पुलिस के 14,000 से अधिक जवान इस कार्य में जुटे हुए हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में 287 भारतीय और 128 भारतीय मूल के लोग लापता हैं, जिनमें से अब तक 88 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। भारत ने सहायता जारी रखते हुए 11 टन राहत सामग्री और बचाव उपकरणों के साथ अपना चौथा विमान काठमांडू भेजा है।
हिमालय के लांगटांग लिरुंग शिखर पर ग्लेशियर झील फटने से यह आपदा आई थी। चीनी और नेपाली भूवैज्ञानिक उपग्रहों के माध्यम से क्षेत्र में बनी दो नई ग्लेशियर झीलों पर लगातार नजर रख रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि ये झीलें भी फटती हैं, तो दोबारा बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।




