नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मलबे में तब्दील हुए अपने घरों के पास कई कुत्ते अपने लापता मालिकों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आपदा के दौरान बिछड़े इन जानवरों में से कुछ को स्थानीय लोगों ने कीचड़ और मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला है, लेकिन बड़ी संख्या में कुत्ते अभी भी अपने घरों के अवशेषों के पास खामोश पहरा दे रहे हैं।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को बर्फ और चट्टान खिसकने से आई इस बाढ़ में अब तक 962 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 4,000 लोग लापता हैं। इस आपदा ने उत्तरी और मध्य नेपाल में भारी तबाही मचाई है। बचाव कार्यों के दौरान कुछ भावुक पुनर्मिलन की घटनाएं भी सामने आई हैं, जो इस त्रासदी के बीच राहत की छोटी किरणें साबित हुई हैं।
नेपाल में कुत्तों को कुकुर तिहार उत्सव के माध्यम से विशेष सम्मान दिया जाता है। बाढ़ के बाद की इस कठिन घड़ी में, मलबे के बीच अपने मालिकों की बाट जोहते ये कुत्ते इंसान और जानवर के बीच के अटूट बंधन का प्रतीक बन गए हैं। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है।



