पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यन ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के लिए भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी विकास दर का बचाव किया है। उन्होंने आंकड़ों की सटीकता पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार 'डबल डिफ्लेटर' पद्धति का उपयोग कर रही है, जो वास्तविक आर्थिक उत्पादन की गणना के लिए एक आधुनिक और सटीक तरीका है।
निजी निवेश से जुड़ी चिंताओं पर सुब्रमण्यन ने बताया कि सकल अचल पूंजी निर्माण में 12 प्रतिशत की वृद्धि और पूंजीगत वस्तुओं के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 15 प्रतिशत का उछाल सकारात्मक रुझान को दर्शाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि औपचारिक क्षेत्र में रोजगार सृजन जीडीपी वृद्धि के अनुरूप नहीं है, लेकिन पीएलएफएस आंकड़ों के अनुसार 2018 से बेरोजगारी दर में गिरावट आई है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी विकास दर पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर पुरानी श्रृंखला के आर्थिक आंकड़ों की तुलना वर्तमान पद्धति से करके जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।






