विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि वर्तमान एल नीनो घटना पिछले चार दशकों में सबसे शक्तिशाली साबित हो सकती है। आने वाले महीनों में इसके 'अत्यधिक तीव्र' होने की संभावना है और यह फरवरी 2027 तक जारी रह सकता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि दुनिया इस समय चरम मौसम के 'खतरे वाले क्षेत्र' में है और हम एक अज्ञात स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्राकृतिक घटना जीवाश्म ईंधन उत्सर्जन से उत्पन्न ग्लोबल वार्मिंग को और अधिक गंभीर बना देगी। WMO का अनुमान है कि समुद्र की सतह का तापमान औसत से 3.6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जो 1997-98 और 2015-16 की घटनाओं से कहीं अधिक है। इससे वैश्विक वर्षा और तापमान के पैटर्न में भारी बदलाव आएगा, जिससे सूखे, बाढ़ और भीषण गर्मी का खतरा बढ़ जाएगा।
WMO की महासचिव सेलेस्टे साउलो ने आपदा प्रबंधन अधिकारियों को संभावित आर्थिक और सामाजिक नुकसान के लिए तैयार रहने को कहा है। इस स्थिति को देखते हुए, अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने 49 लाख प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 11 करोड़ डॉलर की अपील की है। इस घटना के इस साल के अंत तक चरम पर पहुंचने और इसके प्रभाव 2027 तक बने रहने की आशंका है।


