जर्मन वाहन निर्माता कंपनी वोक्सवैगन ने 2030 तक अतिरिक्त 50,000 नौकरियों में कटौती करने की घोषणा की है। इस निर्णय के साथ ही दशक के अंत तक कंपनी द्वारा की जाने वाली कुल छंटनी का आंकड़ा 1,00,000 तक पहुंच जाएगा। कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड ने इस पुनर्गठन योजना को मंजूरी दे दी है। इस कदम के पीछे मुख्य कारण चीनी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मुनाफे में आई गिरावट को बताया गया है।
ऑडी, पोर्श और बेंटले जैसे ब्रांडों की मालिक वोक्सवैगन ने स्पष्ट किया है कि इन कटौतियों में प्रबंधन स्तर के पद भी शामिल होंगे। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओलिवर ब्लूम ने इसे कंपनी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक अनिवार्य कदम बताया है। साथ ही, कंपनी जर्मनी में स्थित अपने चार उत्पादन संयंत्रों की भविष्य की व्यवहार्यता का भी आकलन कर रही है, जहां उत्पादन क्षमता मांग से अधिक है।
कंपनी अब लागत कम करने और उत्पादन दक्षता बढ़ाने के लिए अपने प्रमुख वाहन मॉडलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सुपरवाइजरी बोर्ड की उपाध्यक्ष क्रिस्टियन बेनर ने स्वीकार किया कि कंपनी वर्तमान में एक संकटपूर्ण स्थिति से गुजर रही है और प्रभावित कर्मचारियों के लिए समाधान खोजने के प्रयास किए जा रहे हैं।




