भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से लगभग 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। अधिकारियों ने फिलहाल किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं दी है।
यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब हिमालयी क्षेत्र हाल ही में आई भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। तिब्बत और नेपाल में ग्लेशियर आपदा के कारण आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1,252 तक पहुंच गई है, जबकि 4,216 लोग अभी भी लापता हैं। जांच में पुष्टि हुई है कि यह आपदा लांगटांग लिरुंग पर्वत से हुए विशाल हिमस्खलन के कारण आई थी, न कि भूकंपीय गतिविधियों के कारण। हिमालयी क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव के कारण अत्यधिक भूकंपीय सक्रिय बना हुआ है।



