एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि हर साल लगभग 2 करोड़ बच्चे ऑनलाइन यौन शोषण का सामना करते हैं। यह रिपोर्ट उन बढ़ते खतरों को रेखांकित करती है जिनका सामना बच्चे अपने दैनिक जीवन में डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के कारण कर रहे हैं।
हालांकि ये डिजिटल प्लेटफॉर्म शिक्षा और संचार के लिए उपयोगी हैं, लेकिन इनकी कार्यप्रणाली में सुरक्षा से अधिक गति और निरंतर कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्लेटफॉर्म का मौजूदा डिजाइन बच्चों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर रहा है। रिपोर्ट में इन डिजिटल स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।




