स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में इलाज के दौरान मरीजों द्वारा अपनी जेब से किए जाने वाले खर्च में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022-23 में प्रति व्यक्ति औसत आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च बढ़कर 2,767 रुपये तक पहुंच गया है।
यह आंकड़ा 2018-19 की अवधि की तुलना में काफी अधिक है। देश भर के परिवारों के लिए चिकित्सा लागत में हुई यह निरंतर बढ़ोतरी स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते वित्तीय बोझ को दर्शाती है।



