देश भर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं, जिससे बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के नेतृत्व में हो रहे इस आंदोलन में कर्मचारी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। हड़ताल के साथ आगामी छुट्टियों और सप्ताहांत के कारण कई क्षेत्रों में बैंकिंग कामकाज चार दिनों तक बाधित रह सकता है।
भारतीय स्टेट बैंक सहित प्रमुख बैंकों ने ग्राहकों को सूचित किया है कि जमा और निकासी जैसी शाखा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। एआईबीओसी के महासचिव रूपम रॉय और एनसीबीई के महासचिव एल. चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार द्वारा मांगों पर ध्यान न देने के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है। साथ ही, चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार और बैंक प्रबंधन ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।




