नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को पहुंच गए हैं। फरवरी 2022 के बाद यह पहला मौका है जब पुतिन रूस से बाहर किसी ब्रिक्स सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल हो रहे हैं। 12 सितंबर से शुरू होने वाले इस दो दिवसीय आयोजन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन सहित कई प्रमुख वैश्विक नेता हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है, जिसमें रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की जाएगी।
शिखर सम्मेलन में पश्चिम एशिया और यूक्रेन संघर्ष के कारण ऊर्जा और कृषि आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं जैसे वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। साथ ही, ब्रिक्स देशों के बीच आपसी व्यापार बढ़ाने और अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने पर भी चर्चा की संभावना है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित कई बहुपक्षीय संगठनों के प्रमुख भी इसमें भाग ले रहे हैं। शी जिनपिंग का करीब सात साल बाद यह पहला भारत दौरा है।
इस आयोजन के लिए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कम से कम 16 राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के 15,000 जवानों और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों को तैनात किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास जताया है कि यह शिखर सम्मेलन वैश्विक कल्याण के लिए सकारात्मक चर्चाओं को बढ़ावा देगा।




