भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) ने तमिलनाडु सरकार का अप्रैल से अगस्त 2026 तक का मासिक व्यय विवरण जारी कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का कुल सरकारी खर्च जुलाई में ₹36,794.46 करोड़ के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जो अगस्त में घटकर ₹25,123.82 करोड़ रह गया।
इस पांच महीने की अवधि में कुल राजस्व व्यय ₹138,140.12 करोड़ रहा, जो राज्य के कुल खर्च का 93.4 प्रतिशत है। राजस्व व्यय में वेतन और ब्याज भुगतान की हिस्सेदारी 16.7-16.7 प्रतिशत रही, जबकि पेंशन और सब्सिडी का हिस्सा क्रमशः 13.7 प्रतिशत और 7.2 प्रतिशत दर्ज किया गया।
क्षेत्रीय आंकड़ों से जुलाई और अगस्त के बीच आर्थिक व्यय में भारी उतार-चढ़ाव का पता चलता है। सामान्य क्षेत्र का खर्च जुलाई के ₹12,528.39 करोड़ से घटकर अगस्त में ₹10,553.89 करोड़ हो गया। वहीं, आर्थिक क्षेत्र के खर्च में अधिक गिरावट देखी गई, जो जुलाई के ₹7,407.70 करोड़ से गिरकर अगस्त में ₹2,081.82 करोड़ पर आ गया।




