तमिलनाडु के कुल राजस्व प्राप्तियों में अगस्त 2026 में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 24.3% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अगस्त 2025 में राजस्व प्राप्तियां 22,584 करोड़ रुपये थीं, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 28,073 करोड़ रुपये हो गईं। यह तुलना डीएमके प्रशासन के अंतिम महीनों और मई 2026 में सत्ता में आई टीवीके सरकार के कार्यकाल के बीच की गई है।
राजस्व में इस उछाल का मुख्य कारण केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी रही, जो 4,144 करोड़ रुपये से बढ़कर 8,932 करोड़ रुपये हो गई। इसके अलावा, स्टाम्प और पंजीकरण में 18%, राज्य उत्पाद शुल्क में 16.5% और गैर-कर राजस्व में 37.5% की वृद्धि देखी गई। हालांकि, एसजीएसटी (SGST) में 6.4% और बिक्री व व्यापार कर में लगभग 5% की मामूली वृद्धि हुई, जबकि भू-राजस्व में गिरावट दर्ज की गई।
केंद्रीय हस्तांतरण को हटाकर देखने पर राज्य का अपना राजस्व अगस्त 2025 के 16,990 करोड़ रुपये से बढ़कर अगस्त 2026 में 18,686 करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 10% की वृद्धि दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक महीने के आंकड़ों के आधार पर किसी वित्तीय रुझान का आकलन करना जल्दबाजी होगी। टीवीके सरकार के प्रदर्शन का सही मूल्यांकन अप्रैल-अगस्त की संचयी रिपोर्ट और आगामी महीनों के आंकड़ों से ही स्पष्ट हो पाएगा।




