वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में तमिलनाडु भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) इक्विटी प्रवाह का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में तमिलनाडु ने लगभग 5.95 बिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित किया, जो देश के कुल FDI इक्विटी प्रवाह का करीब 30 प्रतिशत है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में राज्य को लगभग 2.7 बिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त हुआ था।
इस बड़ी उपलब्धि में चेन्नई स्थित श्रीराम फाइनेंस और जापान के मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप (MUFG) के बीच हुआ सौदा एक महत्वपूर्ण कारक रहा, जिसमें MUFG ने 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए लगभग 4.4 बिलियन डॉलर का निवेश किया। इस निवेश के साथ तमिलनाडु ने महाराष्ट्र (4.22 बिलियन डॉलर), दिल्ली, कर्नाटक और गुजरात जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि केवल एक बड़े सौदे तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की विनिर्माण और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) में निवेश आकर्षित करने की व्यापक क्षमता को भी दर्शाती है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह आंकड़े केवल चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए हैं और इसे ऐतिहासिक या संचयी आधार पर राज्य की समग्र स्थिति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

