संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खाड़ी, लाल सागर और काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इन हमलों में भारतीय नागरिकों सहित अन्य लोगों की जान जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। इस दिशा में, भारत ने लाइबेरिया और 23 अन्य देशों के साथ मिलकर समुद्री खतरों के खिलाफ वैश्विक सहमति बनाने की पहल की है।
खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष पर चिंता जताते हुए जयशंकर ने नागरिकों की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा व व्यापार के निर्बाध प्रवाह के लिए तत्काल संयम बरतने और तनाव कम करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सख्ती से पालन अनिवार्य है।
इसके अतिरिक्त, विदेश मंत्री ने ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए बताया कि भारत 78 देशों में 600 विकास परियोजनाएं चला रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और आर्थिक विकास के मॉडल अन्य विकासशील देशों के लिए अनुकरणीय हैं।

