करूर में 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) की रैली के दौरान हुई भगदड़ की पहली बरसी पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। 27 सितंबर 2025 को हुई इस दुखद घटना में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 100 लोग घायल हुए थे। यह हादसा तब हुआ जब सात घंटे की देरी के बाद भीड़ मुख्यमंत्री के काफिले की ओर बढ़ गई थी। फिलहाल, इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है, जबकि तमिलनाडु पुलिस ने TVK नेतृत्व पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करने का आरोप लगाया था।
मई 2026 के चुनावों में जीत के बाद मुख्यमंत्री बने विजय ने करूर का दौरा करते हुए इस घटना को 'ना भरने वाला घाव' बताया और पीड़ितों के लिए स्मारक बनाने की घोषणा की। उन्होंने DMK पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी इस त्रासदी का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
राज्य सरकार की पुनर्वास योजना के तहत, मुख्यमंत्री ने करूर जिला कलेक्ट्रेट में 32 पीड़ितों के परिजनों को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे। इससे पहले, राज्य सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी थी, जबकि TVK पार्टी ने 20 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा प्रदान किया था।

