हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। पर्यटन का अर्थ केवल प्रसिद्ध स्थानों पर जाकर तस्वीरें लेना नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृति और जीवन के नए अनुभवों को करीब से जानने का एक अवसर है। इस अवसर पर, दुनिया के कुछ ऐसे अद्भुत स्थानों के बारे में जानना दिलचस्प है जो हमें यात्रा करने के लिए प्रेरित करते हैं। इनमें समुद्र की लहरों का रात में नीला चमकना (बायोलुमिनेसेंस), मेघालय के जीवित पेड़ों की जड़ों से बने पुल, और महाराष्ट्र का शनि शिंगणापुर गांव शामिल है, जहां घरों में दरवाजे नहीं होते। इसके अलावा, राजस्थान के थार रेगिस्तान की रातें, मेघालय की बारिश, तमिलनाडु की ऐतिहासिक धरोहरें और हमारे घर के आसपास छिपे अनछुए पर्यटन स्थल भी यात्रा के बेहतरीन अनुभव प्रदान करते हैं।
यात्रा का उद्देश्य नई संस्कृतियों, भाषाओं और जीवन शैलियों को समझना है। हालांकि, हर यात्रा के साथ एक जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। एक जिम्मेदार पर्यटक के रूप में हमें प्लास्टिक कचरा नहीं फैलाना चाहिए, ऐतिहासिक स्मारकों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए और वन्यजीवों को परेशान नहीं करना चाहिए। स्थानीय संस्कृति का सम्मान करना और वहां के निवासियों का समर्थन करना भी आवश्यक है। एक सच्चा पर्यटक वही है जो प्रकृति की सुंदरता को सुरक्षित रखते हुए उसे अगली पीढ़ी के लिए बचाकर रखता है।

