अमेरिका ने भारत और 19 अन्य सहयोगी देशों से आयातित चुनिंदा विशेष दवाओं और उनके घटकों पर शून्य-शुल्क छूट की घोषणा की है। यह निर्णय ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट की धारा 232 के तहत कुछ पेटेंट दवाओं पर लगाए गए 100 प्रतिशत शुल्क के बाद लिया गया है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के अनुसार, यह छूट दुर्लभ बीमारियों, प्रजनन उपचार, सेल और जीन थेरेपी तथा पशु चिकित्सा दवाओं पर लागू होगी।
इस छूट के दायरे में यूरोपीय संघ, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देश शामिल हैं, जिनके अमेरिका के साथ सक्रिय व्यापार और सुरक्षा समझौते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अप्रैल में जारी निर्देश के तहत यह कदम उठाया गया है, जिसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के साथ-साथ महत्वपूर्ण चिकित्सा आपूर्ति की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
वाणिज्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जेनेरिक दवाएं और उनके घटक पहले से ही इस शुल्क से पूरी तरह मुक्त हैं। साथ ही, नियमों को अद्यतन करते हुए यह स्पष्ट कर दिया गया है कि शुल्क का दायरा केवल तैयार दवाओं, सक्रिय दवा सामग्री (API) और मुख्य शुरुआती सामग्रियों तक ही सीमित है, जबकि गैर-पेटेंट पशु स्वास्थ्य उत्पादों को इससे बाहर रखा गया है।


