जेम ग्रेनाइट्स के चेयरमैन आर. वीरमणि के खिलाफ विशेष जांच दल (SIT) ने 2004 में 11वीं कक्षा की एक छात्रा की आत्महत्या के मामले में तीसरा केस दर्ज किया है। छात्रा की मां की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पीड़िता की मां का आरोप है कि 2004 में वीरमणि ने दिवाली उपहार देने के बहाने उनकी बेटी को गेस्ट हाउस बुलाया था, जिसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी और उसने आत्महत्या कर ली। शिकायत के अनुसार, वीरमणि के एक सहयोगी ने अंतिम संस्कार के लिए 30,000 रुपये दिए थे और बाद में मामले को दबाने के लिए परिवार को आर्थिक मदद भी दी गई थी।
वीरमणि को पहले ही 2019 में एक नाबालिग के यौन शोषण के मामले में 29 अगस्त को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद, एक अन्य पीड़िता की मां की शिकायत पर उनके खिलाफ दूसरा POCSO मामला दर्ज हुआ था। डीजीपी महेश कुमार अग्रवाल द्वारा गठित SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आइस हाउस पुलिस स्टेशन में 2017 के जल्लीकट्टू विरोध प्रदर्शन के दौरान आग लगने से इस मामले के मूल रिकॉर्ड नष्ट हो गए थे, जिसके बाद SIT ने सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय और संबंधित अदालत से दस्तावेज प्राप्त कर जांच को आगे बढ़ाया है।



