मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने ओणान करडु पहाड़ी पर पत्थर की खदान के संचालन को चुनौती देने वाली याचिका पर तमिलनाडु सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने मामले में जवाब दाखिल करने में देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार शराब की दुकानों की सुरक्षा में जितनी तत्परता दिखाती है, उतनी गंभीरता अदालती कार्यवाही में नहीं दिख रही है।
न्यायाधीशों ने स्पष्ट किया कि शराब की दुकानों की तुलना में प्राकृतिक संपदा और पहाड़ियों का संरक्षण कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। अदालत ने सरकार से सवाल किया कि यदि प्राकृतिक संसाधनों का इसी तरह दोहन होता रहा, तो क्या उन्हें भविष्य में दोबारा प्राप्त किया जा सकेगा।



