पूर्व मंत्री अंबिल महेश के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में पुलिस ने मद्रास उच्च न्यायालय में स्पष्ट किया है कि इस मामले को दर्ज करने के लिए राज्यपाल की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। पुलिस ने अपने जवाब में कहा कि यह जांच संबंधित सरकारी विभाग के सचिव की मंजूरी के बाद ही आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस ने याचिकाकर्ता के उस दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें चार साल की देरी से मामला दर्ज करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने अदालत को बताया कि इस मामले से संबंधित अब तक 177 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, इसलिए याचिका को खारिज किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि अंबिल महेश के पक्ष ने तर्क दिया था कि राज्यपाल की पूर्व अनुमति के बिना भ्रष्टाचार का मामला दर्ज नहीं किया जा सकता, इसलिए इसे रद्द किया जाए।

