TNPSC ग्रुप IV परीक्षा की तैयारी के 18वें दिन आज तार्किक क्षमता (Logical Reasoning) के मूलभूत सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित किया गया। तार्किक क्षमता का अर्थ दी गई जानकारी और कथनों के बीच के संबंधों का विश्लेषण कर सही निष्कर्ष निकालना है। परीक्षा में बाहरी ज्ञान के बजाय केवल प्रश्न में दिए गए तथ्यों और शर्तों को आधार मानना अनिवार्य है।
तार्किक प्रश्नों को हल करने के लिए कुछ प्रमुख नियमों का पालन करना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, 'सभी A, B हैं' का अर्थ यह नहीं है कि 'सभी B, A हैं'। इसी तरह, 'यदि P, तो Q' के नियम में, Q का घटित होना P के होने की पुष्टि नहीं करता। ऊंचाई, आयु या अंकों से संबंधित प्रश्नों में तुलनाओं को एक ही क्रम में व्यवस्थित करना चाहिए, और दिशा संबंधी प्रश्नों में कुल तय की गई दूरी तथा शुरुआती बिंदु से सीधी दूरी के बीच के अंतर को समझना महत्वपूर्ण है।
अभ्यास के लिए पांच उदाहरणों के माध्यम से वर्गीकरण, सशर्त तर्क, ऊंचाई क्रम और दिशा-दूरी के सिद्धांतों को समझाया गया है। TNPSC ग्रुप IV के पाठ्यक्रम (कोड 496) के अनुसार, तार्किक क्षमता का भाग परीक्षा में महत्वपूर्ण है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे कथनों के आधार पर निष्कर्ष निकालते समय 'सभी', 'कुछ' और 'कोई नहीं' जैसे शब्दों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि गलत निष्कर्ष को खारिज करने के लिए एक प्रति-उदाहरण ही पर्याप्त होता है।

