चेन्नई की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में गुटखा घोटाला मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान न्यायाधीश एन. लोकेश्वरन ने सीबीआई के वकील से सवाल किया कि मामले में गवाहों से पूछताछ कब शुरू होगी। उन्होंने सीबीआई से दस्तावेजों को पेश करने की समयसीमा के बारे में भी जानकारी मांगी।
इस मामले में पूर्व मंत्री सी. विजयभास्कर और पी. वी. रमना, पूर्व डीजीपी टी. के. राजेंद्रन और पूर्व पुलिस आयुक्त एस. जॉर्ज समेत 25 लोगों पर प्रतिबंधित गुटखा उत्पादों की बिक्री के लिए अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप है। सुनवाई के दौरान 24 आरोपी अदालत में उपस्थित हुए, जबकि पूर्व डीजीपी टी. के. राजेंद्रन ने छूट के लिए आवेदन दायर किया था।
न्यायाधीश ने आवेदन स्वीकार करते हुए उच्च न्यायालय के उस निर्देश का उल्लेख किया, जिसमें मामले को तीन महीने के भीतर पूरा करने को कहा गया है। अदालत ने आरोपियों को जांच में पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 11 तारीख के लिए निर्धारित कर दी।



