निर्देशक नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी दो-भागों वाली फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' भारतीय महाकाव्य को आधुनिक तकनीक के साथ पेश करने का एक प्रयास है। फिल्म अपने भव्य दृश्यों और तकनीकी पक्ष में तो सफल रही है, लेकिन इसकी पटकथा में रावण के अतीत को अधिक महत्व दिया गया है, जिसके कारण राम का चित्रण जल्दबाजी में और भावनात्मक रूप से अधूरा प्रतीत होता है।
रावण की भूमिका में यश का अभिनय बेहद प्रभावशाली और तीव्र है, जो पूरी फिल्म में छाया रहता है। वहीं, रणबीर कपूर ने राम के किरदार को शालीनता से निभाया है, लेकिन पटकथा की सीमाओं के चलते उनके चरित्र की गहराई उभर नहीं पाई। साई पल्लवी ने सीता के रूप में सशक्त अभिनय किया है, हालांकि फिल्म का तकनीकी दृष्टिकोण उनके और राम के बीच के मानवीय जुड़ाव को कम कर देता है।
डीएनईजी (DNEG) के विजुअल इफेक्ट्स और दमदार संगीत के बावजूद, फिल्म अयोध्या के पारिवारिक ड्रामा और महाकाव्य की भव्यता के बीच संतुलन बनाने में संघर्ष करती नजर आती है। कुल मिलाकर, यह फिल्म एक दृश्य अनुभव के रूप में तो प्रभावी है, लेकिन मूल ग्रंथ की आध्यात्मिक और भावनात्मक गहराई को पर्दे पर उतारने में विफल रही है।
