दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस की कथित ज्यादतियों की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति को पीड़ितों से कोई शिकायत नहीं मिली है। पूर्व न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्होंने देश भर के 149 समाचार पत्रों में विज्ञापन देने और वेबसाइट के माध्यम से सार्वजनिक अपील करने के बावजूद कोई ठोस शिकायत प्राप्त नहीं की है।
सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों पर पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों की जांच के लिए अगस्त में यह समिति गठित की थी। प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ भी हिंसा होने के दावे किए गए थे, लेकिन 21 अक्टूबर को दोबारा अपील किए जाने के बाद भी कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
पर्याप्त सबूतों के अभाव को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि घटना से संबंधित सभी याचिकाओं, वीडियो फुटेज और शिकायतों को जांच आयोग को सौंपा जाए। साथ ही, अदालत ने आयोग को अपने अंतरिम निष्कर्षों को समय-समय पर कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है।


