केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राजनीतिक मुद्दों पर सड़कों के बजाय संसद के भीतर बहस करने की चुनौती दी है। हरियाणा के करनाल में एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन में सार्थक चर्चा से बचते हैं और सरकार द्वारा उनके आरोपों पर दिए जाने वाले जवाबों का सामना करने में सक्षम नहीं हैं।
शाह ने कांग्रेस पर राजनीतिक रणनीति के तहत संसद की कार्यवाही में बार-बार बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष भीड़ जुटाना जारी रखता है, तो भारतीय जनता पार्टी विधानसभाओं और सार्वजनिक मंचों सहित हर जगह उनका मुकाबला करने के लिए तैयार है।
यह चुनौती राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खुली बहस की मांग के बाद आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी शाह के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि संसद ही ऐसी चर्चाओं के लिए उचित स्थान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार से जवाब मांगने वाले को सरकार का पक्ष सुनने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

