भारतीय रुपये और घरेलू इक्विटी से परे अपने निवेश में विविधता लाने के इच्छुक भारतीय निवेशकों के लिए, अमेरिकी बाजार दुनिया का सबसे गहरा और सबसे तरल बाजार बना हुआ है। एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया और अमेज़ॅन जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियां भारतीय एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध नहीं हैं, जिससे अमेरिकी बाजार अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो विस्तार चाहने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बन जाता है।
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