भारत में पिछले पांच वर्षों के दौरान यूपीआई (UPI) लेनदेन के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। संसद में पेश की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई के माध्यम से होने वाले लेनदेन का मूल्य लगातार बढ़ता जा रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में लेनदेन का मूल्य 4,595.61 करोड़ रुपये था, जो 2022-23 में बढ़कर 8,371.44 करोड़ रुपये और 2023-24 में 13,112.95 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद 2024-25 में यह आंकड़ा 18,586.60 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और 2025-26 के वित्त वर्ष में यह बढ़कर 24,161.69 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।





