प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए सात सूत्रीय विकास विजन 'शक्ति की सप्त धारा' का अनावरण किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति को गति प्रदान करना है।
इस रणनीति में विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के लिए वैश्विक ब्रांडिंग, तथा डिजिटल और संचार तकनीक में सुधार को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही, गति-शक्ति के माध्यम से निर्बाध कनेक्टिविटी और ड्रोन व सुपरसोनिक तकनीकों पर विशेष ध्यान देते हुए रक्षा क्षमताओं के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है।
इस पहल के अंतिम स्तंभों में देश की हरित और नीली अर्थव्यवस्था के संसाधनों का लाभ उठाना शामिल है। सरकार योग, आयुर्वेद, समग्र स्वास्थ्य, पर्यटन और रचनात्मक क्षेत्रों में उपलब्धियों को उजागर कर भारत की सॉफ्ट पावर को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है।



