प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 21वीं सदी में भारत पुरानी सदी के कानूनों के सहारे तेजी से प्रगति नहीं कर सकता। लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के विकास के लिए कानूनों का आधुनिक होना अनिवार्य है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि समय की मांग के अनुरूप कानूनों में आवश्यक बदलाव लाना बहुत जरूरी है। उन्होंने पुराने पड़ चुके कानूनों को बदलने की आवश्यकता को रेखांकित किया ताकि देश की विकास यात्रा को गति दी जा सके।


